Saturday 6 July 2013

मुझे पत्थर बना डाला

   





 मेरी दुश्वारियों ने जब मुझे कमतर बना डाला ,
मेरे जीवन मेंआ करके इसे बेहतर बना डाला /
कोई जादू किया उसने ,या जादू हो गया उससे ,
मुझे होठो से छू करके ,उसने  पत्थर बना डाला //


7 comments:

  1. मेरी दुश्वारियों ने जब मुझे कमतर बना डाला ,
    मेरे जीवन मेंआ करके इसे बेहतर बना डाला /
    कोई जादू किया उसने ,या जादू हो गया उससे ,
    मुझे होठो से छू करके ,उसने पत्थर बना डाला //

    बहुत ही अद्भुत निःशब्द करती अभिव्यक्ति

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  2. आज कल लोग 'पत्थर' ही तो पूज रहे हैं। खूब पकड़ा है लोगों को आपने।

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  3. वाह क्या बात है ... पूजा के लायक बना डाला उसने . प्रेम की इन्तहा है ... अच्छे शेर ...

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  4. अहसासो को बहुत ही संजीदगी से पिरोया है …

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