Tuesday 5 June 2012

असर लाने लगी ,वन्दगी धीरे- धीरे /

असर लाने  लगी ,वन्दगी धीरे- धीरे /
जगमगाने लगी ,जिन्दगी धीरे- धीरे //
मिला जबसे शह उनकी सूरत का इसको,
सिर उठाने  लगी ,सादगी धीरे -धीरे /
हुआ यूँ  नशीली नजर का असर ,
मुस्कुराने लगी -जिन्दगी धीरे -धीरे /
किसी ने ये क्या कह दिया प्यार से ,
गुनगुनाने लगी जिन्दगी धीरे -धीरे /
दामन बचाने की कोशिश बहुत की ,
पर सताने लगी दिल्लगी धीरे -धीरे /

23 comments:

  1. दामन बचाने की कोशिश बहुत की ,
    पर सताने लगी दिल्लगी धीरे -धीरे /
    दिल्लगी की तो यही अदा है जनाब

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  2. काफी दिनों बाद आपकी रचना देख कर प्रसन्न्त्ता हुई।

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  3. दामन बचाने की कोशिश बहुत की ,
    पर सताने लगी दिल्लगी धीरे -धीरे /
    वाह... बहुत सुन्दर रचना

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  4. कल 10/06/2012 को आपकी यह पोस्ट http://nayi-purani-halchal.blogspot.in पर लिंक की जा रही हैं.आपके सुझावों का स्वागत है .
    धन्यवाद!

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  5. वाह...मुस्कुराने लगी धीरे- धीरे
    इसे पढ़ने के बाद....
    जिन्दगी... अब जीने का मन करता है

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  6. किसी ने ये क्या कह दिया प्यार से ,
    गुनगुनाने लगी जिन्दगी धीरे -धीरे /
    दामन बचाने की कोशिश बहुत की ,
    पर सताने लगी दिल्लगी धीरे -धीरे /....wah bahut acchi...panktiyon ...

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  7. बहूत हि सुंदर प्रेमपगी रचना..
    बहूत बहूत..बढीया...

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  8. धीरे धीरे मचल ए दिले बेकरार...............

    सुन्दर रचना.

    अनु

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  9. waah ...bahut sundar abhivyakti ...
    shubhakamanaayen....!!

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  10. धीरे -धीरे गुनगुनाने लगी जिन्दगी ..खूबसूरत पंक्तियाँ.. बधाई

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  11. मिला जबसे शह उनकी सूरत का इसको,
    सिर उठाने लगी ,सादगी धीरे -धीरे /
    sunder bhav badhai

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  12. वाह. बहुत बढ़िया...
    हुआ यूँ नशीली नजर का असर ,
    मुस्कुराने लगी -जिन्दगी धीरे -धीरे /

    कमाल का शेर.

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  13. अनुपम भाव
    बेहतरीन प्रस्‍तुति। ******

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  14. बहुत सुदर लिखा है आपने। मेरे नए पोस्ट पर आपका स्वागत है। धन्यवाद।

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