Tuesday, 29 September, 2009

याद आते है

कभी मुझको हंसातें है कभी मुझको रुलाते है
कभी ये दिल को छू लेते कभी दिल को दुखाते है
मुझे ना याद कर बेशक मगर इतना तो बता दे
तुझे भी क्या कभी बीते हुए दिन याद आते है
विजय कुमार वर्मा
अगस्त २००९

2 comments:

  1. Wah kya baat hai ki SACH dekhkar tippnikar bhag jatey hain.
    vermaji aap Sachchai per datey rahiye,hamari Shbhkamnayen aapkey saath hain.

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