Wednesday 26 August 2009

कह नही पाता


ना जब तक देख लू तुमको चैन से रह नही पाता
मै दारिया हूँ मगर मर्जी से अपने बह नही पाता
कैसी उ़लझन में उलझा हूँ भला ये तुम क्या जानोगे
तुम्ही को चाहता हूँ और तुमसे कह नही पाता
विजय कुमार वर्मा
जुलाई 2009

Tuesday 18 August 2009

पहले कभी ना था

ये दिन जितना सुहाना आजकल पहले कभी ना था
ये मौसम आशिकाना आजकल पहले कभी ना था
तेरे आने का असर है या मुझे यूँ ही लगता है
ये दिल जितना दीवाना आजकल पहले कभी ना था
विजय कुमार वर्मा
जुलाई 2009